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अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक


श्री मनोज मिश्रा : भारत के लागत लेखाकार संस्थान के एक सदस्य, श्री मनोज मिश्रा को विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों और सहकारी क्षेत्र में 30 से अधिक वर्षों का पेशेवर अनुभव है।

 

श्री मिश्रा जून 2015 से एन एफ एल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का पद धारण कर रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने राज्य व्यापार निगम (एस टी सी) में निदेशक (वित्त) के रूप में कार्य किया। एस टी सी में कार्यभार ग्रहण करने के पहले श्री मिश्रा ने कृषक भारती सहकारी लिमिटेड (कृभको) में 23 वर्षों के लिए विभिन्न पदों पर कार्यभार संभाला

 

श्री मिश्रा ने जून 2015 से फरवरी 2017 तक रामगुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (आर एफ सी एल) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। आर एफ सी एल, नेशनल फर्टिलाइज़र्स लिमिटेड का एक संयुक्त उद्यम है जो बंद किए यूरिया संयंत्रों के पुनरुद्धार के लिए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ई आई एल) और फर्टिलाइज़र कोर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफ सी आई एल) के साथ तेलंगाना के रामगुंडम में प्रति वर्ष 1.27 मिलियन टन की एक नई यूरिया प्लांट बनाया।

 

श्री मिश्रा ने जून, 2016 से मार्च 2017 तक राष्ट्रीय केमिकल्स एण्ड फर्टिलाइज़र्स लिमिटेड (आर सी एफ) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाला। उन्होंने तलचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (टीएफएल) के पूर्व पदाधिकारी अध्यक्ष थे, ओडिशा के तलचर में कोयले आधारित उर्वरक संयंत्र की स्थापना के लिए आर सी एफ, गेल, कोयला इंडिया लिमिटेड और भारतीय उर्वरक निगम (एफ सी आई एल) के साथ एक संयुक्त उद्यम बनाया। वे कोयला गैसीफिकेशन प्रक्रिया के लिए प्रौद्योगिकी के अंतिम रूप सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्तर हासिल करके परियोजना को प्रेरणा प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।

 

उर्वरक उद्योग में व्यापक व्यावसायिक अनुभव के साथ, श्री मिश्रा उद्योग से संबंधित विभिन्न मुद्दों के प्रति अच्छी तरह से सुपरिचित हैं। वर्धित उत्पाद लाइन और नए उद्यमों के साथ एन एफ एल के लिए नई विशिष्टता बनाकर  नको श्रेय दिया गया। उन्होंने सफलतापूर्वक एन एफ एल को एकल ही उत्पाद कंपनी से विभिन्न प्रकार के उर्वरकों, बीज, कृषि, रसायन और औद्योगिक उत्पादों में हिस्सेदारी के साथ एक संगठन के रूप में बदल दिया। उनके नेतृत्व में, एन एफ एल ने 2016-17 में अपना सर्वश्रेष्ठ निष्पादन प्राप्त कर लिया।

 

श्री मनोज मिश्रा फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफ ए आई) के सह-अध्यक्ष हैं, जो एक संस्था है वह भारत में उर्वरक उद्योग का प्रतिनिधित्व करती है। वे अंतर्राष्ट्रीय उर्वरक संघ (आई एफ ए) बोर्ड के एक निदेशक भी हैं, एक पेरिस आधारित संगठन है जो वैश्विक उर्वरक उद्योग का प्रतिनिधित्व करता है। वे  आई एफ ए में इस प्रतिष्ठित पद को उपलब्ध किए जाने के लिए भारतीय उर्वरक सार्वजनिक क्षेत्रक उपक्रमों का पहला कार्यकारी अधिकारी हैं।

 

श्री मिश्रा की सफलता का प्रतीक उनके निरंतर अनुशासन, कड़ी मेहनत और पेशे और कंपनी के प्रति प्रतिबद्धता है।


निदेशक (तकनीकी)

श्री यू सरवनः   अन्ना विश्वविद्यालय में केमिकल इंजीनियरिंग में अपनी बी टेक डिग्री पूरी की और मद्रास विश्वविद्यालय से एम बी ए हासिल किया। वे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियर्स के आजीवन सदस्य हैं। वे फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया तकनीकी टीम और निदेशक संस्थान के सदस्य भी हैं। उनको तेल रिफाइनरी उद्योग और उर्वरक उद्योग में 27 वर्षों से अधिक व्यापक अनुभव है।

निदेशक (विपणन)

श्री डी नन्दकुमारः कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, त्रिवेंद्रम से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक, कोचीन विश्वविद्यालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी से एम बी ए के साथ, 1981 में प्रबंध प्रशिक्षणार्थी के रूप में एफ ए सी टी में कार्यभार ग्रहण किया।

 

उन्होंने निदेशक (विपणन) के पद पर कार्य ग्रहण करने से पहले फेडो में निर्माण अभियंता, पेट्रोकेमिकल संभाग के मुख्य प्रबंधक और विपणन विभाग में महा प्रबंधक और मुख्य महाप्रबंधक के पदों में कार्य किया है।

निदेशक (वित्त)

श्री संजय महेश्वरी ः निदेशक (वित्त)

स्वतंत्र निदेशक

डॉ ज्योति कौशल शेठ:  डॉ ज्योति कौशल शेठ पेशे से डॉक्टर हैं और गुजरात के वडोदरा में पेशा कर रही  हैं। वे विभिन्न सामाजिक क्रियाकलापों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। वे ट्रानसाक्शन मॉड्यूल के तहत कम्यूनिकेशन एण्ड लीडरशिप में कार्यशालाओं और संगोष्ठियों का आयोजन करती हैं। संप्रति वे निदेशक, केंद्रीय सामाजिक कल्याण बोर्ड, गुजरात और, महिला उत्कर्श केंद्र, वडोदरा के निदेशक हैं।

स्वतंत्र निदेशक

डॉ के. पी. एस. नायर:  डॉ के. पी. एस. नायर एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर & प्रिंसिपल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख, इंजीनियरिंग स्कूल, कोचीन विश्वविद्यालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी है। वे एक तकनीकी और प्रबंधन विशेषज्ञ भी है। उन्हें शैक्षणिक, औद्योगिक और प्रबंधन क्षेत्र में अनुभव से भरपूर है और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद आदि जैसे विभिन्न पेशेवर निकायों के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है।


स्वतंत्र निदेशक

डॉ मुरली. एस:  डॉ मुरली. एस पेशे से डॉक्टर हैं जो बैंगलोर में पेशा कर रहे हैं और वे सक्रिय रूप से विभिन्न सामाजिक क्रियाकलापों में व्यस्त हैं। वे सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड के सहायक आयुक्त हैं। उन्होंने विभिन्न सम्मेलनों या संगोष्ठियों में कागज़ात प्रकाशित और प्रस्तुत किए हैं।

स्वतंत्र निदेशक

प्रो. बी विजयकुमार:  प्रो. बी विजयकुमार एम एससी, पीएचडी, भौतिकी के एक सह प्रोफेसर के पद से एन एस एस कॉलेज, कोट्टयम, केरल से सेवानिवृत्त हैं। उनको 32 वर्षों का शैक्षिक अनुभव हैं और उन्होंने मलयालम और अंग्रेजी में कई किताबें प्रकाशित की हैं। वे अनेक सामाजिक और सांस्कृतिक मंचों से जुड़ा हुआ है और उनमें प्रमुख पदों पर भी है।

स्वतंत्र निदेशक

डॉ गंगिडी मनोहर रेड्डी:  डॉ गंगिडी मनोहर रेड्डी, एम एससी, पीएचडी हैदराबाद के प्राध्यापक थे। वे शैक्षिक और प्रबंधन क्षेत्रों में बहुमूल्य अनुभव प्राप्त हैं। वे हैदराबाद के विभिन्न शैक्षिक और धर्मार्थ संस्थानों के साथ अटूट संबंध रखते हैं। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक संगोष्ठियों और सम्मेलनों का आयोजन किया है।

सरकारी नामिति निदेशक

सुश्री अलका तिवारी:  सुश्री अलका तिवारी, 1988 बैच भारतीय प्रशासनिक सेवा के हैं। संप्रति वे संयुक्त सचिव, उर्वरक विभाग, रसायन और उर्वरक मंत्रालय हैं। उन्होंने झारखंड के राज्य सरकार और भारत सरकार में कई प्रमुख पदों पर काम किया था। उन्होंने नीति अयोग के सलाहकार के पद पर भी काम किया है।

मुख्य सतर्कता अधिकारी

श्री टी आर षाजी, 1990 बैच के आई टी एस अधिकारी हैं, उन्होंने टी के एम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कोल्लम से इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की, उन्होंने दूरसंचार सेवा में कार्यभार ग्रहण करने से पहले ओ एन जी सी, मुंबई और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में सेवा की। उन्होंने केरल और तमिलनाडु के बीएसएनएल में सेवा की। वे एफ ए सी टी के मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने से पहले, केरल के दूरसंचार विभाग में निदेशक के रूप में काम कर रहे थे।